टेक्सास में रहने वाली मुस्लिम महिला गुजरात में चलाती है गोशाला

अहमदाबाद आज के समय गो संरक्षण के नाम पर गोरक्षकों द्वारा लगातार हिंसा की खबरें आ रही हैं, वहीं एक नॉन रेजिडेंट गुजराती मुस्लिम महिला गायों का संरक्षण कर रही हैं। टेक्सास में रहने वाली यह मुस्लिम महिला डेयरी क्रांति के लिए काम कर रही हैं। मरजिया मूसा (49) यूएस में रहती हैं लेकिन वह बनासकांठा जिले में स्थित अपने पैतृक गांव के लिए कुछ करने की सोचती थीं। काफी सोचने के बाद उन्होंने फैसला लिया कि उनके गांव के लिए डेयरी खोलना सबसे अच्छा रहेगा। उन्होंने नवंबर 2016 को अपने गांव में पांच एकड़ जमीन खरीदकर यहां 22 गायें रखीं। इस प्रॉजेक्ट पर शुरुआत में उन्होंने 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए। उनके पास आज डच ऑरिजन की 120 होलिस्टन फ्रीजन गाय हैं।

मूसा के दो बच्चे हैं जो यूएस में रहते हैं। मूसा ने बताया, ‘टेक्सास में मैं होम फ्लिपिंग इंडस्ट्री के लिए काम कर रही थी। इस व्यवसाय में पुराने घरों की मरम्मत और उन्हें बेचने का काम होता है। कुछ समय बाद मुझे लगा कि अपने वतन के लिए कुछ करना चाहिए।’ उन्होंने बताया, ‘शुरू में मैंने अपने गांव में एक ऑटोमेटेड गोशाला बनाई। यहां पर तीन महिलाओं को दूध उत्पादन, गायों की देखरेख और दूध बेचने के लिए तैनात किया।’ मूसा ने बताया कि उन्हें इस प्रॉजेक्ट के लिए काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। कुछ समय पहले महाराष्ट्र से उनकी कुछ गायें गुजरात लाई जा रही थीं। रास्ते में कुछ गोरक्षकों ने उनका वाहन रोक लिया। उनके पास सूचना आई तो उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन करके मदद मांगी। 2017 में आई बाढ़ में उनकी एक गाय और बछड़ा बह गया। पूरे फार्म में पानी और दलदल हो गया। फार्म को फिर से सही करने में कई दिन लगे। मूसा ने कहा कि स्थानीय लोगों ने उनकी बहुत मदद की और उन्होंने अपने फार्म को फिर से पूरी तरह ऑटोमेटेड कर लिया। मूसा यहां के लोगो के बीच गायों के देखरेख को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाती हैं। गायों की देखरेख के लिए वह रेडियो फ्रिक्वैंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम का प्रयोग करती हैं। ऑटोमेटेड दूध पार्लर में पैरामीटर में गायों के दूध की क्षमता, उनके खाने की क्षमता, शरीर के तापमान और उनके प्रजजन का सारा डाटा एकत्र होता है। मूसा हर गाय के खाने पर रोज 250 रुपये खर्च करती हैं। रोज एक गाय लगभग 14 लीटर दूध देती है। वह कहती हैं कि उन्हें दूध बेचकर कोई लाभ नहीं होता। हर महीने वह लगभग दो लाख रुपये का पशुओं का चारा बेचती हैं यह चारा वह लगभग 32 जड़ी-बूटियों से बनाती हैं। इतना ही नहीं वह दूध के उत्पाद और घी भी बेचती हैं।

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