संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने का आज आखिरी दिन है. लेकिन चीन ने एक बार फिर इसमें अड़ंगा लगाने के संकेत दे दिए हैं.
UNSC की बैठक में आज मसूद अजहर के भविष्य का फैसला होगा. कई देशों के प्रस्ताव पर आज फैसला किया जाएगा कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाए या नहीं.
अमेरिका की ओर से बयान में कहा गया है कि भारत-अमेरिका साथ में काम कर रहे हैं, जैश-ए-मोहम्मद के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद उसका सरगना है ऐसे में उसे भी ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए. मसूद अजहर भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए. अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो सकता है.
आपको बता दें कि भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले अभी अमेरिका में ही हैं और उन्होंने US के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि मसूद अजहर के मामले को लेकर भारत काफी सख्त रुख अपना रहा है, यही कारण है कि ऐसे समय में अमेरिका के साथ रह UNSC में उसे ग्लोबल आतंकी घोषित कराए जाने की कोशिशें की जा रही है.



