लखनऊ। कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की राजनीतिक एंट्री का मंच सज गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साह में हैं। एयरपोर्ट से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक जगह-जगह स्वागत के लिए नेताओं को जिम्मेदारी दे दी गई है। बकौल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर यह कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का स्वर्णिम दिन होगा। हालांकि, प्रियंका गांधी वाड्रा की राह में चुनौतियां कम नहीं हैं। प्रदेश में अपने बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस के चमत्कारिक प्रदर्शन की डगर इतनी आसान नहीं है।
प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए सबसे बड़ी चुनौती यहां के संगठन को फिर से खड़ा करने की होगी। अब जबकि चुनाव करीब हैं तो इतने कम समय में यह बिल्कुल भी आसान नहीं होने जा रहा है। कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि कई जिलों में तो केवल कागजों पर ही संगठन चल रहा है। केवल अध्यक्ष के नाम तय हैं, लेकिन इसके बाद संगठन का अता-पता ही नहीं है। प्रियंका के लिए पति रॉबर्ट वाड्रा पर लगने वाले आरोपों का सामना भी करना होगा। प्रियंका जब लोकसभा क्षेत्रों में जाएंगी, तो उन्हें वाड्रा पर उठ रहे सवालों के जवाब देने होंगे। पार्टी अपने उस दौर से जूझ रही है, जहां हर लोकसभा सीट पर उसके पास मजबूत उम्मीदवार भी नहीं हैं। ऐसे में प्रियंका को इस समस्या से भी निजात पानी होगी। कम से कम उन्हें ऐसे उम्मीदवार का चुनाव करना होगा जो पार्टी को कम से कम लड़ता हुआ दिखा सके।



