नई दिल्ली। अमेरिकी नौसेना की एक हरकत कूटनीतिक रिश्तों पर असर डाल सकती है। अमेरिकी नौसेना की ओर से भारत के एक्सक्लूसिव इकॉनमिक जोन में ऑपरेशन किया है। खुद अमेरिका की 7वीं फ्लीट ने एक बयान में यह बात कही। बयान में कहा कि ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन के तहत अधिकारों, स्वतंत्रता और कानून की रक्षा होती है, जिनका निर्धारण इंटरनेशनल लॉ में किया गया है।’ द अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े ने कहा कि उसने यह ऑपरेशन भारत की अनुमति के बिना किया है। यह अमेरिकी ऑपरेशन भारत की मैरीटाइम सिक्योरिटी पॉलिसी के खिलाफ है। अमेरिकी नौसेना के मुताबिक यह ऑपरेशन लक्षद्वीप से 130 नॉटिकल मील दूर पश्चिम में किया गया है। अमेरिकी नौसेना की 7वीं फ्लीट उसका सबसे बड़ा बेड़ा है। इसी की एक टुकड़ी को अमेरिका ने 1971 में बंग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारत पर दबाव बनाने के लिए बंगाल की खाड़ी में भेजा था। हालांकि इस मामले में नेवी और विदेश मंत्रालय की ओर से कोई बयान नहीं आया है।



