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अमेठी में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को लेकर राहुल ने पीएम मोदी पर झूठ बोलने का लगाया आरोप, स्मृति का पलटवार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेठी दौरे के एक दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, 2014 लोकसभा चुनाव में अमेठी में राहुल को टक्कर देने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि अमेठी में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन वह 2010 में ही कर चुके हैं और वहां पिछले कई सालों से छोटे हथियारों का उत्पादन चल रहा है। ट्विटर पर ही कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब देते हुए स्मृति इरानी ने उनके दावे पर सवाल उठाया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के कोरवा में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इंडियन आर्मी की पुरानी इंसास राइफलों को रिप्लेस करने के लिए इस ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रूस के साथ मिलकर करीब साढ़े 7 लाख AK-203 राइफलों का निर्माण होगा। अमेठी में पीएम ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले। इसके अगले दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर ‘आदतन’ झूठ बोलने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ट्वीट के कुछ ही देर बाद स्मृति इरानी ने उन पर पलटवार किया। इरानी ने 2010 की 2 न्यूज रिपोर्ट को शेयर करते हुए राहुल के दावे पर सवाल उठाया, ‘अगर कोरवा में 2010 में आपने (राहुल गांधी) शिलान्यास किया तो 2007 में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के सम्बंध में जो हुआ उसपे प्रकाश डालेंगे?’ स्मृति ने एक और ट्वीट में रायबरेली में कांग्रेस नेता सतीश शर्मा द्वारा शिलान्यास किए गए नैशनल पेट्रोलियम टेक्निकल स्कूल के आधारशीला की तस्वीर को शेयर करते हुए उस पर भी कांग्रेस अध्यक्ष से जवाब मांगा। तस्वीर में एक शिलापट्ट दिख रहा है जिस पर 1996 में टेक्निकल स्कूल की आधारशिला की बात कही गई है लेकिन स्कूल के नाम पर सिर्फ छोटी सी दीवार है, इतनी छोटी कि उस पर सिर्फ शिलापट्ट ही आ पाए। स्मृति इरानी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की अगस्त 2010 की एक न्यूज रिपोर्ट को शेयर किया जिसमें बताया गया था कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को रक्षा मंत्रालय से 2007 में मंजूरी मिली थी और अक्टूबर 2010 तक उसे स्थापित करना था। न्यूज रिपोर्ट में अगस्त 2010 की CAG रिपोर्ट के हवाले से बताया गया था कि गलत जगह के चुनाव और अपर्याप्त मॉनिटरिंग की वजह से प्रॉजेक्ट की प्रगति बहुत धीमी है। CAG ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि प्रॉजेक्ट में बुरी तरह से देरी की आशंका है। फैक्ट्री के लिए 60 एकड़ जमीन की जरूरत थी लेकिन हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड ने कोरवा में सिर्फ 34 एकड़ जमीन की पेशकश की थी। अगस्त 2010 तक बाकी जमीन का अधिग्रहण तक नहीं हुआ था।
स्मृति ने साथ में एक और न्यूज रिपोर्ट को शेयर किया है। उसी महीने (अगस्त 2010) CAG ने अपनी रिपोर्ट में सरकार से कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की तत्काल समीक्षा की मांग की थी। CAG ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फैक्ट्री की इमारत खाली है और यहां से हथियारों के उत्पादन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

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