उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम के दौरान हिंसा

October 4, 2021

मंत्री अजय मिश्रा के बेटे ने किसानों पर कार चढ़ाई

भाकियू का 3 की मौत का दावा, भीड़ ने कार फूंकी

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के तिकोनिया चौराहे पर रविवार सुबह 8 बजे किसानों का धरना शुरू हुआ। किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर उतरने के लिए तिकोनिया में बनाए गए हेलिपैड पर कब्जा कर लिया। दोपहर 2:45 पर जब सड़़क मार्ग से दोनों नेताओं का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे दिखाने के लिए दौड़ पड़े।
आरोप है कि काफिले में शामिल अजय मिश्रा के बेटे अभिषेक मिश्रा ‘मोनू’ ने अपनी गाड़ी किसानों पर चढ़ा दी। यह देख किसानों का गुस्सा फूट गया। किसानों ने अभिषेक की गाड़ी के अलावा एक अन्य गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। तोड़फोड़़ भी हुई है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन का दावा है कि 3 किसानों की मौत हो गई है। 8 किसान घायल हैं। उधर, जिला प्रशासन ने एक की मौत की पुष्टि की है।
पुलिस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। प्रशासन अजय मिश्रा और डिप्टी सीएम को बनवारी गांव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है। भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं।
दरअसल, हेलिपैड पर कब्जा होने की जानकारी पाकर अजय मिश्रा और केशव मौर्य लखनऊ से सड़क मार्ग से लखीमपुर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। यहां योजनाओं का लोकार्पण करने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय राज्यमंत्री हेलिकॉप्टर की बजाय गाड़ी से गांव बनवीरपुर जा रहे थे। बनवीरपुर गांव अजय मिश्रा का पैतृक गांव है। यहां कुश्ती प्रतियोगिता की शुरुआत करनी थी। प्रशासन ने बनवारी गांव के पास तनाव को लेकर पहले ही अलर्ट किया था।
उधर, किसान हफ्ते भर पहले दिए अजय मिश्रा टेनी के एक बयान से आहत हैं। किसानों का कहना है कि मंत्री बनने के बाद अजय मिश्रा ने कहा था कि हम अपनी पर आ गए तो हम क्या कर सकते हैं? यह सब जानते हैं। अजय मिश्रा ने यह बयान किसानों की तरफ से काले झंडे दिखाए जाने के बाद दिया था।
इस घटना के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी जिलों के किसानों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा। एक बयान जारी किया गया है कि घटना में दो किसानों की मौत हो गई है। संयुक्त मोर्चा नेता तजिंदर सिंह विर्क गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
गौरतलब है कि बीते 26 सितंबर को किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर में संपूर्णानगर क्षेत्र में काले झंडे दिखाए थे। मिश्रा एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। जनसभा में उन्होंने खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से किसानों को धमकी दी थी। कहा था कि किसानों के अगुवा यानी संयुक्त किसान मोर्चा के लोग प्रधानमंत्री मोदी का सामना नहीं कर पा रहे हैं। आंदोलन को 10 महीने हो गए।
काले झंडे दिखाने वालों के लिए आगे उन्होंने कहा कि अगर हम गाड़ी से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून को लेकर केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। यदि कानून इतना गलत है तो अब तक पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था कि सुधर जाओ, नहीं तो सामना करो, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे। विधायक-सांसद से बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं चुनौती से भागता नहीं हूं।
दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य को जिला मुख्यालय पर विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण करना था। साथ ही तिकोनिया और बनवीरपुर में स्वर्गीय अंबिका प्रसाद कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ भी करना था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी भी आमंत्रित थे। बहरहाल, जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम पहुंच गए हैं।
किसानों के हंगामे को देखते हुए डिप्टी सीएम के मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय वंदन गार्डन में होना है। यहां का गेट बंद कर दिया गया है। पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। किसानों की योजना है कि मौके पर पहुंच कर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का विरोध किया जाए और उन्हें काले झंडे दिखाए जाएं।
जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने योजनाओं का लोकार्पण किया।