द्वितीय नवरात्र : मां ब्रह्मचारिणी

October 8, 2021

पीले वस्त्र धारण कर करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा की जाती है। इस संबंध में मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई हजार सालों तक कठिन तपस्या की थी। उनके इस कठोर तप के कारण ही उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा है। कहते हैं कि आज के दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और आरती करने से मां अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करना विशेष फलदायक होता है।
नवरात्रि के दूसरे दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करके ही पूजा-अर्चना और आरती करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। अगर संभव हो सके तो मां को भोग भी पीले रंग की चीजों का ही लगाएं। इससे मां बहुत प्रसन्न होती है और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
मां ब्रह्मचारिणी जी की आरती

जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।

जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।

ब्रह्मा जी के मन भाती हो।

ज्ञान सभी को सिखलाती हो।

ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।

जिसको जपे सकल संसारा।

जय गायत्री वेद की माता।

जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।

कमी कोई रहने न पाए।

कोई भी दुख सहने न पाए।

उसकी विरति रहे ठिकाने।

जो तेरी महिमा को जाने।

रुद्राक्ष की माला ले कर।

जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।

आलस छोड़ करे गुणगाना।

मां तुम उसको सुख पहुंचाना।

ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।

पूर्ण करो सब मेरे काम।

भक्त तेरे चरणों का पुजारी।

रखना लाज मेरी महतारी।