टॉप फाइव में आने को तैयार है भारतीय शेयर बाजार

October 12, 2021

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारतीय शेयर बाजार में आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही मार्केट वैल्यू के मामले में ब्रिटेन को पीछे छोड़ सकता है। इसके साथ ही मार्केट वैल्यू के मामले में भारत दुनिया के टॉप-5 देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल के समय में रिकॉर्ड न्यूनतम ब्याज दरों और खुदरा निवेश में बढ़ोत्तरी के चलते भारत का शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचा है। मार्केट साइज के हिसाब से भारत और ब्रिटेन में ज्यादा अंतर नहीं है। हालांकि भारत में जहां मौजूदा समय में स्टार्टअप और एक्टिव टेक्नॉलॉजी के चलते मार्केट में इन्वेस्टमेंट के लिए बेहद शानदार अवसर मौजूद हैं, वहीं ब्रिटेन में अब भी मार्केट पर ब्रेक्जिट से संबंधित सवालों का असर साफ देखा जा सकता है।
ब्लूम्बर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का बाजार पूंजीकरण इस साल 37 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ लगभग 26,11.89 खरब रुपये (3.46 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गया है। जो कि लगभग ब्रिटेन के बराबर ही है, जहां इस साल 9 फीसदी की बढ़त के साथ बाजार पूंजीकरण 27,09.19 खरब रुपये (3.59 ट्रिलियन डॉलर) पर बना हुआ है। हालांकि अगर इसमें सेकंडरी लिस्टिंग्स और डिपॉजिटरी लिस्ट को भी शामिल कर लें तो भारत के लिए ये आंकडें और बेहतर नजर आते हैं।
वित्तीय सलाहकार फर्म गोल्ड मैन सैक्स के मुताबिक भारत का शेयर बाजार पूंजीकरण साल 2024 तक 37,72 खरब रुपये (5 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच सकता है। अगले दो से तीन सालों में मार्केट में आने वाले नए आइपीओ, मार्केट वैल्यू के बढ़ने का बहुत बड़ा कारण होगा।
लंदन एंड कैपिटल ऐसेट मैनेजमेंट में इक्विटी हेड रोजर जोंस के मुताबिक, “भारत की डोमेस्टिक मार्केट के लिए मौजूदा समय में लोगों का रूझान बहुत ज्यादा है। यहां अच्छी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ रेट के साथ-साथ स्थायी और सुधारवादी राजनीतिक नेतृत्व इसके पीछे एक बड़ी वजह है।”
सप्ताह के दूसरे दिन की बात करें तो सेंसेक्स 117.08 अंक या 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 60018.70 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 11.70 अंकों (0.07 फीसदी) की गिरावट के साथ 17934.30 के स्तर पर खुला था।