अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाने की अपील

October 2, 2021

न्यूयॉर्क, 2 अक्टूबर। आज 2 अक्टूबर को विश्व में शांति तथा अहिंसा का संदेश देने वाले महात्मा गांधी का जन्म दिवस है। इसे विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से महात्मा गांधी के शांति के संदेशों को याद रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लड़ाकों को अपने हथियार डाल देने चाहिए और मानवता के दुश्मन कोविड​​-19 महामारी को हराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए न कि एक दूसरे को हराने पर।
गुतारेस ने अपने संदेश में कहा, “यह संयोग नहीं है कि हम महात्मा गांधी के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाते हैं। गांधी के लिए, अहिंसा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन, गरिमा और समानता महज शब्द नहीं थे बल्कि मानवता के मार्गदर्शक थे, बेहतर भविष्य का खाका थे।” उन्होंने कहा कि अहिंसा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन, गरिमा और समानता, आज के संकट के वक्त में भी समस्याओं से पार पाने का रास्ता दिखाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, “दुनिया भर में संघर्ष और जलवायु परिवर्तन। गरीबी और असमानता। अविश्वास और विभाजन। ये सबकुछ कोविड-19 महामारी की छाया में हो रहा है, जो लोगों और अर्थव्यवस्थाओं को समान रूप से तबाह कर रही है।” गुतारेस ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर, “आइए हम गांधी के शांति के संदेश को याद रखें,” “और सभी के लिए एक बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण भविष्य के निर्माण के काम में उतरें।”
उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर के लड़ाकों का आह्वान करते हैं कि वे हथियार डाल दें और मानवता के दुश्मन- कोविड-19 को हराने पर ध्यान केंद्रित करें, एक दूसरे को नहीं।” साथ ही उन्होंने जीवन रक्षक टीके और उपचार मुहैया कराने और महामारी से उबरने के इस लंबे रास्ते में देशों का समर्थन करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया।
गुतारेस ने जोर देकर कहा कि आज की चुनौतियों का समाधान “हमारे हाथ में है: वह है एकजुटता। हमें यह पहचानने की जरूरत है, जैसा कि गांधी ने किया था, कि जो हमें एकजुट करता है वह हमें विभाजित करने से कहीं अधिक बड़ा है। यह कि शांति सभी के लिए बेहतर भविष्य का एकमात्र मार्ग प्रदान करती है।” इस अवसर पर विश्व के विभिन्न प्रभावशाली नेताओं ने भी महात्मा गांधी के आदर्श ओं के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए विश्व शांति की अपील की।