हैती शरणार्थियों को स्वीकार करना डेथ विश के समान : डोनाल्ड ट्रंप

October 9, 2021

वॉशिंगटन,9 अक्टूबर। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में शरण की मांग कर रहे हैती के शरणार्थियों को लेकर शर्मनाक बयान दिया है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि इन शरणार्थियों को स्वीकार करना अमेरिका के लिए डेथ विश होगी क्योंकि इनमें से कई शरणार्थियों को एड्स हो सकता है। आपको बता दें कि पिछले एक महीने से हैती से आए हजारों प्रवासी मेक्सिको सीमा पर शरण की आस में भूखे-प्यासे बैठे हुए हैं।
गौरतलब है कि हैती में राष्ट्रपति की हत्या के बाद हुई राजनीतिक उथल-पुथल और भूकंप से लोगों का पलायन और तेज हुआ है।
एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि हमारे पास हैती से सैकड़ों हजारों शरणार्थी आए हैं। हैती में एड्स एक जबरदस्त समस्या है। एड्स एक कदम आगे है। एड्स वास्तव में एक बुरी समस्या है। उनमें से कई लोगों को शायद एड्स होगा और वे हमारे देश में आ रहे हैं। और हम इसके बारे में कुछ नहीं करते हैं। हमने सबको अंदर आने दिया। उन्होंने कहा कि यह एक मौत की इच्छा की तरह है। यह हमारे देश के लिए एक मौत की कामना की तरह है।
ट्रंप ने बिना सबूत के दावा किया कि होंडुरास, मैक्सिको और अल सल्वाडोर सहित ’50 देश’ ‘अपनी जेल खाली कर रहे हैं’ और अपने कैदियों को अमेरिका भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि 50 देश हैं, जो अपनी जेलों को अमेरिका में खाली कर रहे हैं। पृथ्वी पर सबसे कठिन लोगों में से कुछ को अमेरिका में फेंक दिया जा रहा है क्योंकि वे उन्हें नहीं चाहते हैं।
कोलंबियाई शहर नेकोक्ली में हैती से आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। लोग हैती से पनामा के खतरनाक डेरियन गैप को पार कर, कोस्टारिका, निकारागुआ, ग्वाटेमाला और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंच रहे है।
आपको बता दें कि डेरियन गैप उत्तर और दक्षिण अमेरिका के बीच वर्षावन का 66-मील का हिस्सा है। यह इलाका इतना खतरनाक है कि इसे अविकसित छोड़ दिया गया है। पानी, दलदल, घने जंगलों से घिरा यह इलाका इंसानों के रहने के लिए काफी कठोर है। इसके बावजूद ये शरणार्थी अपने परिजनों की जान बचाने तथा बेहतर जीवन की आस में डेरियन गैप को पार करने का खतरा उठा रहे हैं। पनामा के अधिकारियों ने कहा है कि इस साल 70,000 से अधिक प्रवासियों ने डेरियन गैप से यात्रा की है।