सर्वपितृ अमावस्या पर बन रहा खास संयोग, करें अन्न वस्त्र का दान

October 5, 2021

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। इस वर्ष सर्व पितृ अमावस्या 06 अक्टूबर, बुधवार को है। इस दिन हिंदू सनातन धर्म के लोगों द्वारा उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी तिथि परिजनों को ज्ञात नहीं होती है।
सर्व पितृ अमावस्या पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष का आखिरी दिन होता है। इसे विसर्जनी अमावस्या भी कहते हैं। आश्विन मास में पड़ने वाली सर्व पितृ अमावस्या के दिन इस वर्ष एक विशेष संयोग बन रहा है। इस रिपोर्ट में अमावस्या के शुभ मुहर्त, विशेष संयोग और तर्पण की विधि बताई गई है।
इस साल सर्व पितृ अमावस्या पर गजछाया योग बन रहा है। इससे पहले यह योग 11 वर्ष पूर्व 2010 में बना था। गजछाया योग को बेहद शुभ माना जाता है। 06 अक्टूबर को सूर्य और चंद्रमा सूर्योदय से सांयकाल 04 बजकर 34 मिनट तक हस्त नक्षत्र में होंगे। इस स्थिति के कारण गजछाया योग बनता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गजछाया योग में श्राद्ध या तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते हैं। कहते हैं कि इस योग में श्राद्ध और दान करने से पितरों की क्षुधा अगले 12 सालों के लिए शांत हो जाती है।
गजछाया योग में पितरों का श्राद्ध करें और घी मिली हुई शक्कर का दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पितर अगले 12 सालों तक तृप्त हो जाते हैं। इसके अलावा गरीबों व जरुरतमंदों को दान देना चाहिए। मान्यता है कि अन्न और वस्त्र के दान से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।