अफवाहें हम ऐक्ट्रेसेस की जिंदगी का हिस्सा हैं: यामी गौतम

September 21, 2018

मुम्बई स्पर्म डोनेशन जैसे सोशल मेसेज पर बनी फिल्म ‘विकी डोनर’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली ऐक्ट्रेस यामी गौतम एकबार फिर बिजली की समस्या जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में अपनी अदायगी का जलवा बिखेरती नजर आने वाली हैं। जब उनसे पूछा गया कि आप इस फिल्म में बिजली को लेकर हो रहे करप्शन पर सोशल मैसेज दे रही हैं। लेकिन देश या समाज का ऐसा कोई मुद्दा जिसे आप जड़ से खत्म करना चाहती हों?

उन्होंने कहा कि मैं निजी तौर पर चाहती हूं कि हमारा समाज महिलाओं के एजुकेशन पर जोर दे। वहीं महिलाओं के प्रति होने वाले क्राइम पर भी रोक लगे। हम एक तरफ तो महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध पर लंबी-लंबी बातें करते हैं, लेकिन क्या हमारी बातें, नारेबाजी या फिर डिबेट समस्या की गहराई तक पहुंच पाती हैं? मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि ऐसी कोई महिला नहीं होगी, जिन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा कुछ फेस नहीं किया होगा। लेकिन कई लोग तो इस पर बात तक करने से कतराते हैं।

पूछा गया कि अपने किरदार को लेकर कोई खास तैयारी की? उन्होंने कहा हां, इसके लिए मैं पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट गई। मैंने सोचा क्यों न एक सेशन अटेंड किया जाए ताकि किरदार पर कुछ इनपुट डाल सकूं। मैं यह भी देखना चाहती थी कि आखिर कोर्ट रूम में होता क्या है? मेरा अनुभव बहुत ही बेहतरीन रहा। मैंने उनसे पूछा, ‘फिल्मों में जैसा दिखाया जाता है, क्या वैसा ही होता है?’ तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैडम, आप बहुत ज्यादा ड्रामैटिक हो रही हैं। जैसा फिल्मों में दिखाया जाता है, वैसा तो बिलकुल नहीं होता।’

एस सवाल कि आप किसी दूसरी ऐक्ट्रेस संग स्क्रीन स्पेस शेयर कर रही हैं। फिल्म साइन करने से पहले हिचक नहीं थी? उन्होंने कहा कि नहीं, बिलकुल भी नहीं। हम आज बहुत ही मॉर्डन टाइम में हैं, जहां दूसरी ऐक्ट्रेस को लेकर जलन या हिचक होना आउटडेटेड है। मुझे यहां अपना काम और अपना रोल देखना है। मुझे पता है कि मेरे किरदार की एंट्री कब है। मैं इसे लेकर बहुत सिक्यॉर भी हूं। जब पूछा गया कि आपने बिग बी जैसे सीनियर्स से लेकर न्यूकमर के साथ काम किया है। क्या फर्क महसूस करती हैं आप? इस पर उन्होंने कहा कि मैं भी तो कभी एक न्यूकमर ही थी। यहां न्यूकमर या सीनियर की बात नहीं है। मैंने अपने हर को-स्टार से कुछ न कुछ सीखा है। चाहे वह बिग बी हों या रितिक या फिर वरुण व शाहिद, इन सबमें अलग-अलग खासियत हैं, जिसे आप हमेशा के लिए अपना लेते हो। जैसे रितिक, वह बेहद ही मेहनती और सेल्फलेस ऐक्टर हैं, उनमें कभी ‘मैं’ की भावना नहीं रही। वह हमेशा हम को लेकर चलते हैं। मुझे याद है, जब मैं ‘काबिल’ के दौरान पहली बार मिली थी। मैंने उनसे हाथ मिलाते हुए बस यही कहा था कि ‘हाय, मैं यामी हूं और बहुत नर्वस हूं।’ उन्हें मेरी यह ईमानदारी बहुत पसंद आई और उन्होंने जवाब में कहा, ‘शुक्र है, आप भी नर्वस हैं मेरी तरह।’ वहीं ‘सरकार’ में बिग बी के साथ मैंने स्क्रीन तो शेयर नहीं किया, लेकिन हम प्रमोशन के दौरान साथ थे। उनकी पर्सनैलिटी ही ऐसी है कि कोई भी देखकर प्रभावित हो जाए। बिग बी ने हर जेनरेशन के साथ काम किया है। वह अपने आपको समय के साथ अपडेट करते रहते हैं।

एक सवाल कि एक ऐक्ट्रेस के लिए हर दिन एक समान नहीं होता। आप खुद को ऐसे में कैसे पॉजिटिव रख पाती हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं, ऐसी स्थिति में आपका कोई ऐसा साथी या कोई अपना हो, जिसके सामने आप अपना दिल खोलकर रख सकें। मैं खुद को लकी मानती हूं कि मेरी बहन सुरीली और मेरी फैमिली है, जिनसे मैं अपनी हर बात शेयर कर या रोकर दिल का बोझ हल्का कर लेती हूं। जब से सुरीली मुंबई आई है, तब से मैं और रिलैक्स्ड हो गई हूं। तनाव के समय पर हम स्वीमिंग और डांस कर अपने टेंशन भूल जाते हैं।

जब पूछा गया कि जब आप अपने बारे में अफवाहें सुनती हैं, तो खुद को किस तरह संभालती हैं? देखिए, अफवाहें हम ऐक्ट्रेस की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। जहां फेम है, वहीं अफवाहें भी इसका फ्लिप साइड है। आपको इससे गुजरना पड़ता है। कई बार आपको किसी इवेंट में सज-धज कर जाना होता है, लेकिन अंदर से आप टूटे हुए होते हैं। ऐसी स्थिति से भी डील आपको ही करना होगा। देखिए अगर आप का दिल सच्चा है, तो बाकी चीजों से आपको फर्क नहीं पड़ना चाहिए।