राफेल पर गर्मायी राजनीति: केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से मिले कांग्रेस नेता, दस्तावेज सीज करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग

September 24, 2018

नई दिल्ली राफेल डील में कथित घोटाले पर मोदी सरकार की शिकायत लेकर कांग्रेस ने अब केंद्रीय सतर्कता आयोग का दरवाजा खटखटाया है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से मुलाकात कर इस मामले में एफआईआर रजिस्टर कर स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। सीवीसी से मिलकर लौटने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्माने कहा, ‘यह सौदा पूरी तरह से पीएम ने ही किया था। 10 अप्रैल, 2015 का पीएम मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का जो स्टेटमेंट है। उस दिन के दोनों के बयान से स्पष्ट है कि ये वही विमान हैं, जो वायुसेना ने मांगे थे।’

आनंद शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस डील के सारे दस्तावेज जब्त किए जाएं। सीवीसी की ओर से एफआईआर दर्ज की जाए। सीवीसी की जिम्मेदारी है कि जिस सरकार में इतना बड़ा घोटाला हुआ, वह कागजात खराब न करें, इसलिए सीवीसी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। राफेल डील एक बड़ा घोटाला है। आनंद शर्मा के साथ मौजूद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि फंसने के बाद बीजेपी निराधार बातें कर रही है। इससे पहले आनंद शर्मा और रणदीप सुरजेवाला समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने सीवीसी से मीटिंग कर मामले की जांच की मांग की। गौरतलब है कि इससे पहले विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इससे पहले कैग से मुलाकात की थी और कहा था कि वे इस डील को लेकर ऑडिट रिपोर्ट तैयार करें और उसे संसद में पेश करें। ओलांद के इस बयान के बाद से ही कांग्रेस ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पैरिस में 10 अप्रैल, 2015 को फ्रांस्वा ओलांद के साथ मीटिंग के बाद 36 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद का ऐलान किया था। इस डील को लेकर फ्रांस सरकार ने कहा था कि उसकी भारतीय साझीदार कंपनी को चुनने में कोई भूमिका नहीं है और प्रॉजेक्ट पर काम करने वाली कंपनी दैसॉ एविएशन को इसकी पूरी आजादी है। हालांकि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप ने अपना और सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि उसे कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में सराकर की कोई भूमिका नहीं रही है।