मध्य प्रदेश में भी मंदिर-मंदिर जाएंगे राहुल, दिग्विजय से बनी रहेगी दूरी

October 17, 2018

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश में अपने चुनाव अभियान के हिस्से के रूप में राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों का दौरा भी करेंगे। पार्टी का मानना है कि आधा दर्जन से अधिक प्रमुख मंदिर राज्य की लगभग आधी सीटों में मतदाताओं पर प्रभाव डालते हैं। हालांकि राहुल के मंदिर-मंदिर दौरे से वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को दूर ही रखा जाएगा, जिनके बयान के चलते पार्टी की कई बार फजीहत हो चुकी है। राज्य पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ और अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया इन सभी मंदिर यात्राओं पर गांधी के साथ हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जो अब पार्टी की समन्वय समिति प्रमुख हैं, उन्हें इससे दूर रखा गया है। दिग्विजय ने पूर्व में हिंदू आतंकवाद जैसे मुद्दों को उठाया है ऐसे में उन्हें दूर रखना ही पार्टी ने बेहतर समझा है। बीते दिनों दिग्विजय सिंह ने खुद भी कहा था कि मेरे बोलने से कांग्रेस के वोट कटते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष पहले से ही तीन ऐसे मंदिरों, पिछले महीने चित्रकूट में कमतानाथ मंदिर, दतिया में पीतंबरा पीठ और सोमवार को ग्वालियर में अंकलेश्वर मंदिर जा चुके हैं। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में जबलपुर में गवारी घाट पर नर्मदा आरती भी की थी। इस महीने के अंत तक राहुल महत्वपूर्ण मालवा क्षेत्र की यात्रा के दौरान राज्य में दो और ज्योतिर्लिंग उज्जैन के महाकलेश्वर मंदिर और ओमकारेश्वर जिले में ओमकारेश्वर पीठ भी जा सकते हैं। एक पार्टी कार्यकर्ता ने बताया कि बाद में निवाड़ी जिले के ओरछा में राम राजा मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर जाने की भी योजना है। कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, ‘राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान ग्वालियर में मोती मस्जिद और गुरुद्वारा भी गए थे।’ उन्होंने अंकलेश्वर मंदिर, मोती मस्जिद और गुरुद्वारे यात्राओं की तस्वीर इंस्टाग्राम पर डालते हुए लिखा, ‘भारत का विचार स्वीकृति के साथ शुरू होता है कि भारत की विविधता पर उभरता है। भारत का विचार हम सभी में है। यह विचार है कि हम लोग एक हैं और हमेशा रहेंगे।’ इस तस्वीर में राहुल मोती मस्जिद में गोल टोपी पहने हुए हैं तो वहीं गुरुद्वारे में उन्होंने रुमाल बांध रखा है। माना जा रहा है कि इस तरह वह अपनी सेक्युलर छवि को भी बनाए रखना चाहते हैं।