जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव: 11 जिलों में पहले चरण का मतदान संपन्न

October 8, 2018

जम्मू/श्रीनगर जम्मू एवं कश्मीर में निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है। 11 जिलों के स्थानीय निकायों में शाम 4 बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। 13 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे नगरपालिका चुनाव में सोमवार को जम्मू क्षेत्र के सभी वॉर्डों में भारी मतदान देखने को मिला। राजौरी में सर्वाधिक मतदान हुआ है। हालांकि कश्मीर में स्थिति इससे उलट है। यहां मतदान केंद्र सूने पड़े रहे। बहुत कम संख्या में मतदाता अपने घरों से बाहर निकले। आम हड़ताल के बीच श्रीनगर में सबसे कम वोट पड़े हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू जिले में लगभग सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और वॉर्डों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां पहले पांच घंटों में 34 प्रतिशत मतदान हुआ। इस अवधि में राजौरी में 55 प्रतिशत और पुंछ में 47 प्रतिशत मत पड़े। गांधीनगर, आरएस पुरा में वोटिंग शांतिपूर्ण रही। पुरा, बिश्नाह, अरनिया, खौर, जुरियां, अखनूर, नौशेरा, सुरनकोट, कलाकोट और अन्य वॉर्डों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक जारी है।

कश्मीर का नजारा इससे बिल्कुल उलट देखने को मिला। दो प्रमुख दलों नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी ने निकाय चुनाव का बहिष्कार किया है। दोपहर 12 बजे तक कुपवाड़ा में 18 प्रतिशत, बांदीपोरा में महज दो प्रतिशत, बड़गाम और बारामुला में तीन प्रतिशत जबकि अनंतनाग में पांच प्रतिशत वोट पड़े। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद श्रीनगर में सबसे कम 3.5 प्रतिशत वोट पड़े हैं। एक अधिकारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में दोपहर 11 बजे तक 80,000 में से 4,000 वोट पड़े हैं। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव के बीच कुछ उपद्रवियों ने एक मतदान केंद्र पर भारी पथराव किया। बांदीपोरा के डाचीगाम इलाके में हुई पथराव की इस घटना में यहां बीजेपी का एक उम्मीदवार घायल हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पथराव के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बरकरार है, हालांकि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण मतदान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई है। सोमवार सुबह 7 बजे से ही बांदीपोरा जिले के 16 वॉर्डों में मतदान शुरू हुआ। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने करीब 11 बजे डाचीगाम में बने एक पोलिंग बूथ पर पथराव शुरू कर दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए तत्काल सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला और फिर आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को किसी तरह मतदान केंद्र से खदेड़ दिया। इस दौरान पोलिंग बूथ की तरफ आ रहे वॉर्ड नंबर 15 के उम्मीदवार आदिल अली बुहरू पथराव की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसके बाद उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बांदीपोरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार बांदीपोरा में भर्ती आदिल अली की हालत फिलहाल स्थिर हैं और प्रशासनिक अधिकारी उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही डाचीगाम समेत संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। जम्मू-कश्मीर में बीते 13 साल से निकाय चुनाव ना होने कारण आम लोगों में इस बार इन चुनावों के मतदान के लिए काफी उत्साह देखने को मिला। खास बात यह कि हुर्रियत और आतंकी संगठनों की कई अपीलों के बावजूद भी कश्मीर के आतंक प्रभावित जिलों में वोटरों की बड़ी संख्या पोलिंग बूथ पर दिखी। राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे तक राजौरी जिले में सर्वाधिक 55 फीसदी वोटिंग हुई। इसके अलावा पुंछ में 47, जम्मू में 34, करगिल में 33, लेह में 26, कुपवाड़ा में 18, अनंतनाग में 5, बारामुला और बडगाम में 3 और बांदीपोरा में 2 फीसदी वोटिंग हुई। जम्मू-कश्मीर में पूर्व में हुए तमाम चुनावों की अपेक्षा यह आंकड़े काफी सकारात्मक माने जा रहे हैं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव का आगाज हुआ है। सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से अधिक जवानों की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के 11 जिलों के कुल 422 वॉर्डों में 820 पोलिंग स्टेशनों पर निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान संपन्न हुआ।